Sunday, 25 March 2012

syllabus of 8th SANSKRIT

         सुवचनानि,क्रोधेन कार्यं न सिध्यति ,संधि-दीर्घ ,गुण ,राम ,लता ,अव्यय , भू ,गम्     F.A .1 
         
              वसुधेव कुटुम्बकम्,अहं नदी अस्मि ,उपसर्ग ,कारक ,स्था ,स्मृ ,प्रत्यय                  F.A . 2 


        सुवचनानि,क्रोधेन कार्यं न सिध्यति ,संधि-दीर्घ ,गुण ,राम ,लता ,अव्यय , भू ,गम्        S .A .1 

             वसुधेव कुटुम्बकम्,अहं नदी अस्मि ,उपसर्ग ,कारक ,स्था ,स्मृ ,प्रत्यय                    
      भाषासु मुख्या मधुरा दिव्या गीर्वाण भारती,मधुराणि वचनानि ,फल ,नदी ,गच्छत,
    भवत्,युष्मद्,अस्मद्,किम्,सर्व , संख्या-1 -50 ,समास-तत्पुरुष ,द्वन्द्व ,पठ, अस्
     आत्मनेपदी - सेव्,लभ्,शुभ्,रुच् 
       



  क्षमस्व महर्षे  क्षमस्व ,अविश्वस्ते न विश्वसेत् ,संधि -यण,वृद्धि ,मुनि मति ,इदम्,        F.A  3 
  अव्यय , उपसर्ग ,वद ,नम 
       गुणाः पूजास्थानं गुणिषु   , वचने का दरिद्रता,साधु ,पितृ ,मातृ , विद्वस्,कारक,          F.A .4 
   त्यज्,कृ ,लिख, प्रत्यय - तुमुन्-क्त,क्तवतु ,समास-अव्ययीभाव ,द्वन्द्व

    क्षमस्व महर्षे  क्षमस्व ,अविश्वस्ते न विश्वसेत् ,संधि -यण,वृद्धि ,मुनि मति ,इदम्,       S. A.2
  अव्यय , उपसर्ग ,वद ,नम ,  हितं मनोहारि च दुर्लभं वचः ,संख्या 51 से100
   गुणाः पूजास्थानं गुणिषु , वचने का दरिद्रता,साधु ,पितृ ,मातृ , विद्वस्,कारक,समास      
   त्यज्,कृ ,लिख, प्रत्यय ,स्वाध्यायात मा प्रमदः,एतत् ,तत् ,पा,सेव्,लभ्,शुभ्,रुच्





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